Amulya Samay Ka Sadupayoga (Oriya)

20.00

अमूल्य
समयका सदुपयोग पुस्तकाकार—मानव-जन्म अनन्त पुण्योंका परिणाम है। इसलिये समय रहते
आत्मोद्धार करना ही मूल कर्तव्य है। यह पुस्तक भगवद्भावकी वृद्धि करनेवाले  ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयाल
गोयन्दकाके अनेक कल्याणकारी लेखोंका संकलन है।

Language

Oriya

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka

Out of stock

अमूल्य
समयका सदुपयोग पुस्तकाकार—मानव-जन्म अनन्त पुण्योंका परिणाम है। इसलिये समय रहते
आत्मोद्धार करना ही मूल कर्तव्य है। यह पुस्तक भगवद्भावकी वृद्धि करनेवाले  ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयाल
गोयन्दकाके अनेक कल्याणकारी लेखोंका संकलन है।

Additional information

Language

Oriya

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka