Sandhya Sandhya Gayatri Ka Mahatwa & Brahamcharya (Hindi)
₹15.00
ब्रह्म
चर्य-पालनके साथ सन्ध्योपासना एवं गायत्री-उपासनाकी शास्त्रोंमें बड़ी महिमा
बतायी गयी है। गायत्री-उपासना पर ब्रह्म की उपासना है। इसकी नित्यउपासनासे लौकिक
अभ्युदयके साथ सहजही आत्मकल्याण की प्राप्ति हो सकती है। प्रस्तुत पुस्तकमें
ब्रह्मलीनपरम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका के द्वारा प्रणीत ब्रह्म चर्य और
सन्ध्या-गायत्री के महत्त्वके साथ सन्ध्योपासन विधिका प्रकाशन किया गया है।
सम्बन्धित विषयोंका एक साथ समावेश होनेके कारण यह पुस्तक सभीके लिये अत्यन्त
उपयोगी है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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ब्रह्म
चर्य-पालनके साथ सन्ध्योपासना एवं गायत्री-उपासनाकी शास्त्रोंमें बड़ी महिमा
बतायी गयी है। गायत्री-उपासना पर ब्रह्म की उपासना है। इसकी नित्यउपासनासे लौकिक
अभ्युदयके साथ सहजही आत्मकल्याण की प्राप्ति हो सकती है। प्रस्तुत पुस्तकमें
ब्रह्मलीनपरम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका के द्वारा प्रणीत ब्रह्म चर्य और
सन्ध्या-गायत्री के महत्त्वके साथ सन्ध्योपासन विधिका प्रकाशन किया गया है।
सम्बन्धित विषयोंका एक साथ समावेश होनेके कारण यह पुस्तक सभीके लिये अत्यन्त
उपयोगी है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





