यह
ग्रन्थ अत्यन्त पवित्र तथा पुण्यदायक है। श्राद्ध और प्रेतकार्यके अवसरोंपर
विशेष रूपसे इसके श्रवणका विधान है। इस ग्रन्थमें मूल संस्कृत श्लोकोंके साथ
उनका सरल हिन्दी-अनुवाद दिया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





