Agni Puran (Hindi)

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अग्रिपुराण
ग्रन्थाकार—विषयकी विविधता एवं लोकोपयोगिताकी दृष्टि से इस पुराणका विशेष
महत्त्व है। इसमें परा-अपरा विद्याओंका वर्णन, महाभारतके सभी पर्वोंकी संक्षिप्त
कथा, रामायणकी संक्षिप्त कथा, मत्स्य, कूर्म आदि अवतारोंकी कथाएँ, सृष्टि-वर्णन,
दीक्षा-विधि, वास्तु-पूजा, विभिन्न देवताओंके मन्त्र आदि अनेक उपयोगी विषयोंका
अत्यन्त सुन्दर प्रतिपादन किया गया है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1362 Category:

अग्रिपुराण
ग्रन्थाकार—विषयकी विविधता एवं लोकोपयोगिताकी दृष्टि से इस पुराणका विशेष
महत्त्व है। इसमें परा-अपरा विद्याओंका वर्णन, महाभारतके सभी पर्वोंकी संक्षिप्त
कथा, रामायणकी संक्षिप्त कथा, मत्स्य, कूर्म आदि अवतारोंकी कथाएँ, सृष्टि-वर्णन,
दीक्षा-विधि, वास्तु-पूजा, विभिन्न देवताओंके मन्त्र आदि अनेक उपयोगी विषयोंका
अत्यन्त सुन्दर प्रतिपादन किया गया है।

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Gita Press Gorakhpur