साधकके
विवेकका विकास, साधनाके प्रतिउत्साह तथा साध्यको प्राप्त कराने वाले ब्रह्मलीन
श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके निर्दोषताका अनुभव, जिज्ञासा और बोध
आदि अनेक तात्त्विक लेखोंका संकलन।
Additional information
| Language | Marathi |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |





