Sanckshipta shivapuran (Gujarati)

300.00

संक्षिप्त
शिवपुराण ग्रन्थाकार—इस पुराणमें परात्पर ब्रह्म  शिवके कल्याणकारी स्वरूपका तात्त्विक विवेचन,
रहस्य, महिमा और उपासनाका विस्तृत वर्णन है। इसमें इन्हें पंचदेवोंमें प्रधान
अनादि सिद्ध परमेश्वरके रूपमें स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओंके
अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओंका
सुन्दर संयोजन है।

Language

Gujarati

Writer

Gita Press Gorakhpur

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संक्षिप्त
शिवपुराण ग्रन्थाकार—इस पुराणमें परात्पर ब्रह्म  शिवके कल्याणकारी स्वरूपका तात्त्विक विवेचन,
रहस्य, महिमा और उपासनाका विस्तृत वर्णन है। इसमें इन्हें पंचदेवोंमें प्रधान
अनादि सिद्ध परमेश्वरके रूपमें स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओंके
अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओंका
सुन्दर संयोजन है।

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Writer

Gita Press Gorakhpur