Jeevan ka Kartavya (Gujarati)
₹15.00
जीवनका
कर्तव्य पुस्तकाकार—सन्त और भगवन्त दोनोंका उद्देश्य मनुष्यमात्रको उठाकर
ईश्वरकी कोटिमें पहुँचाना तथा दु:ख और दैन्यकी आत्यन्तिक निवृत्ति करना है। इस
पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजद्वारा समय-समयपर
दिये गये चेतावनी, वैराग्य, नाम-जप आदि अनेक कल्याणकारी विषयोंके व्याख्यानोंका
संकलन किया गया है। यह व्याख्यान-संग्रह प्रत्येक व्यक्तिके आत्मोद्धारमें सच्चा
सहायक है।
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |
Out of stock
जीवनका
कर्तव्य पुस्तकाकार—सन्त और भगवन्त दोनोंका उद्देश्य मनुष्यमात्रको उठाकर
ईश्वरकी कोटिमें पहुँचाना तथा दु:ख और दैन्यकी आत्यन्तिक निवृत्ति करना है। इस
पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजद्वारा समय-समयपर
दिये गये चेतावनी, वैराग्य, नाम-जप आदि अनेक कल्याणकारी विषयोंके व्याख्यानोंका
संकलन किया गया है। यह व्याख्यान-संग्रह प्रत्येक व्यक्तिके आत्मोद्धारमें सच्चा
सहायक है।
Additional information
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |




