Gita – Tattva – Vivechani (Kannada)
₹250.00
गीता-तत्त्व-विवेचनी—भगवान्
श्रीकृष्णकी दिव्यवाणीसे नि:सृत सर्वशास्त्रमयी गीताकी विश्वमान्य महत्ताको
दृष्टि में रखकर इस अमर संदेशको जन-जनतक पहुँचानेके उद्देश्यसे गीताप्रेसके आदि
संस्थापक परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयालजी गोयन्दकाद्वारा प्रणीत गीताकी एक दिव्य
टीका। इसमें २५१५ प्रश्न और उनके उत्तरके रूपमें प्रश्नोत्तर शैलीमें गीताके
श्लोकोंकी विस्तृत व्याख्याके साथ अनेक गूढ़ रहस्योंका सरल, सुबोध भाषामें
सुन्दर प्रतिपादन किया गया है। इसके स्वाध्यायसे सामान्य-से-सामान्य व्यक्ति भी
गीताके रहस्योंको आसानीसे हृदयंगम कर अपने जीवनको धन्य कर सकता है।
| Language | Kannada |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |
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गीता-तत्त्व-विवेचनी—भगवान्
श्रीकृष्णकी दिव्यवाणीसे नि:सृत सर्वशास्त्रमयी गीताकी विश्वमान्य महत्ताको
दृष्टि में रखकर इस अमर संदेशको जन-जनतक पहुँचानेके उद्देश्यसे गीताप्रेसके आदि
संस्थापक परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयालजी गोयन्दकाद्वारा प्रणीत गीताकी एक दिव्य
टीका। इसमें २५१५ प्रश्न और उनके उत्तरके रूपमें प्रश्नोत्तर शैलीमें गीताके
श्लोकोंकी विस्तृत व्याख्याके साथ अनेक गूढ़ रहस्योंका सरल, सुबोध भाषामें
सुन्दर प्रतिपादन किया गया है। इसके स्वाध्यायसे सामान्य-से-सामान्य व्यक्ति भी
गीताके रहस्योंको आसानीसे हृदयंगम कर अपने जीवनको धन्य कर सकता है।
Additional information
| Language | Kannada |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |





