Jeevan Ka Satya (Gujarati)

12.00

जीवनका
सत्य पुस्तकाकार—शरीर और संसारसे ममता हट जानेपर अपने-आप तत्त्वका अनुभव हो जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें तत्त्वज्ञानके गूढ़ रहस्योंका अत्यन्त सरल भाषामें बोध
कराया गया है।

Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

जीवनका
सत्य पुस्तकाकार—शरीर और संसारसे ममता हट जानेपर अपने-आप तत्त्वका अनुभव हो जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें तत्त्वज्ञानके गूढ़ रहस्योंका अत्यन्त सरल भाषामें बोध
कराया गया है।

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Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji