Ananya Bhakti Se Bhagawatprapti (Gujarati)
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अनन्य भक्तिसे भगवत्प्राप्ति पुस्तकाकार—सर्वतन्त्र स्वतन्त्र
परमात्माके साक्षात्कारका सहज साधन अनन्य भक्ति है—इस आशयको स्पष्ट करनेवाले निष्काम कर्म, अन्तकालमें
परमात्म-चिन्तन, श्रद्धा, प्रेम, विश्वासकी प्रधानता आदि अन्यान्य विषयोंपर
ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाकी विशद व्याख्या।
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |
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अनन्य भक्तिसे भगवत्प्राप्ति पुस्तकाकार—सर्वतन्त्र स्वतन्त्र
परमात्माके साक्षात्कारका सहज साधन अनन्य भक्ति है—इस आशयको स्पष्ट करनेवाले निष्काम कर्म, अन्तकालमें
परमात्म-चिन्तन, श्रद्धा, प्रेम, विश्वासकी प्रधानता आदि अन्यान्य विषयोंपर
ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाकी विशद व्याख्या।
Additional information
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |





