कठोपनिषद् पुस्तकाकार—कृष्णयजुर्वेदके कठशाखाके अंश इस उपनिषद्में
जहाँ यम-नचिकेता-संवादके रूपमें ब्रह्म विद्याका विशद वर्णन सुबोध और सरल
शैलीमें किया गया है, वहीं इसमें वॢणत नचिकेता-चरित्र पितृ-भक्तिका अनुपम आदर्श
है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





