Mundakopanishad (Hindi)

25.00

अथर्ववेदकेमन्त्र-भागमेंवॢणतइसउपनिषद्मेंतीनमुण्डकहैंतथाएक-एकमुण्डककेदो-दोखण्डहैं।आचार्य-परम्पराकेवर्णनकेसाथ-साथइसमेंअपराऔरपराविद्याकेरूपमेंअनात्मतथाआत्मतत्त्वकाविश्लेषणहै।सानुवाद, शाङ्कïरभाष्य।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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अथर्ववेदकेमन्त्र-भागमेंवॢणतइसउपनिषद्मेंतीनमुण्डकहैंतथाएक-एकमुण्डककेदो-दोखण्डहैं।आचार्य-परम्पराकेवर्णनकेसाथ-साथइसमेंअपराऔरपराविद्याकेरूपमेंअनात्मतथाआत्मतत्त्वकाविश्लेषणहै।सानुवाद, शाङ्कïरभाष्य।

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