Gita Sadhak Sanjivani (Gujarati)

450.00

गीता-साधक-संजीवनी—ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी
महाराजने गीतोक्त जीवनकी प्रयोगशालासे दीर्घकालीन अनुसन्धानद्वारा अनन्त
रत्नोंका प्रकाश इस टीकामें उतार कर लोककल्याणार्थ प्रस्तुत किया है, जिससे
आत्मकल्याणकामी साधक साधनाके चरमोत्कर्षको आसानीसे प्राप्त कर आत्मलाभ कर सकें।
इस टीकामें स्वामीजीकी

Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

SKU: 467 Category:

गीता-साधक-संजीवनी—ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी
महाराजने गीतोक्त जीवनकी प्रयोगशालासे दीर्घकालीन अनुसन्धानद्वारा अनन्त
रत्नोंका प्रकाश इस टीकामें उतार कर लोककल्याणार्थ प्रस्तुत किया है, जिससे
आत्मकल्याणकामी साधक साधनाके चरमोत्कर्षको आसानीसे प्राप्त कर आत्मलाभ कर सकें।
इस टीकामें स्वामीजीकी

Additional information

Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji