Nitya Yoga Ki Prapti (Hindi)

0.00

नित्ययोगकी प्राप्ति पुस्तकाकार—परमात्मतत्त्वसे हम कभी अलग नहीं
हो सकते तथा जगत् कभी हमारा नहीं हो सकता। इस पुस्तकमें ईश्वर और जीवके नित्य
योगमें विघ्नरूप सम्पूर्ण बाधाओंका निदान करनेवाला ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी
श्रीरामसुखदासजी महाराजके प्रवचनोंका सुन्दर संकलन है।

Language

Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

नित्ययोगकी प्राप्ति पुस्तकाकार—परमात्मतत्त्वसे हम कभी अलग नहीं
हो सकते तथा जगत् कभी हमारा नहीं हो सकता। इस पुस्तकमें ईश्वर और जीवके नित्य
योगमें विघ्नरूप सम्पूर्ण बाधाओंका निदान करनेवाला ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी
श्रीरामसुखदासजी महाराजके प्रवचनोंका सुन्दर संकलन है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji