Jeevan Ka Kartavya (Hindi)

25.00

जीवनका कर्तव्य पुस्तकाकार—सन्त और भगवन्त दोनोंका उद्देश्य
मनुष्यमात्रको उठाकर ईश्वरकी कोटिमें पहुँचाना तथा दु:ख और दैन्यकी आत्यन्तिक
निवृत्ति करना है। इस पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी
महाराजद्वारा समय-समयपर दिये गये चेतावनी, वैराग्य, नाम-जप आदि अनेक कल्याणकारी
विषयोंके व्याख्यानोंका संकलन किया गया है। यह व्याख्यान-संग्रह प्रत्येक
व्यक्तिके आत्मोद्धारमें सच्चा सहायक है।

Language

Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

जीवनका कर्तव्य पुस्तकाकार—सन्त और भगवन्त दोनोंका उद्देश्य
मनुष्यमात्रको उठाकर ईश्वरकी कोटिमें पहुँचाना तथा दु:ख और दैन्यकी आत्यन्तिक
निवृत्ति करना है। इस पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी
महाराजद्वारा समय-समयपर दिये गये चेतावनी, वैराग्य, नाम-जप आदि अनेक कल्याणकारी
विषयोंके व्याख्यानोंका संकलन किया गया है। यह व्याख्यान-संग्रह प्रत्येक
व्यक्तिके आत्मोद्धारमें सच्चा सहायक है।

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Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji