यह पुस्तक परमात्माकी उपासनात्मक कलाकी विभिन्न उपदेशोंके रूपमें
गुँथी हुई १०८ पुष्पोंकी ऐसी माला है, जिसका स्वाध्याय संसारमें रहते हुए
भगवान्की भक्ति करने का अनुपम सूत्र प्रदान करता है।
Additional information
| Language | Hindi |
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| Writer | Gita Press Gorakhpur |





