इस पुस्तकमें परमार्थपथके पथिकोंके जिज्ञासाके समाधानहेतु अनेक उपयोगी विषयोंकी सुन्दर व्याख्याके साथ गीतोक्त कर्मयोग और आधुनिक कर्मवाद, गीता और वैराग्य, गीतामें विश्वरूपदर्शन इत्यादि विषयोंपर सुन्दर विवेचन किया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
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| Writer | Shri Hanuman Prasad Ji Poddar |





