Bhavroga Ki Rambana Dawa (Hindi)

25.00

भवरोगकी रामबाण दवा पुस्तकाकार—प्रस्तुत पुस्तक षड्विकारसे संतप्त
मानव-जीवनके भवरोगोंका उपशमन कर पूर्ण शान्ति, तथा स्वास्थ्य-प्रदाता है। इसमें
सहिष्णुता, सेवा, सम्मानदान, स्वार्थत्याग, समता, सत्संग, सदाचार, सन्तोष, सरलता
तथा सत्य आदि अनेक विषयोंपर सुन्दर व्याख्या प्रस्तुत की गयी है।

Language

Hindi

Writer

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar

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भवरोगकी रामबाण दवा पुस्तकाकार—प्रस्तुत पुस्तक षड्विकारसे संतप्त
मानव-जीवनके भवरोगोंका उपशमन कर पूर्ण शान्ति, तथा स्वास्थ्य-प्रदाता है। इसमें
सहिष्णुता, सेवा, सम्मानदान, स्वार्थत्याग, समता, सत्संग, सदाचार, सन्तोष, सरलता
तथा सत्य आदि अनेक विषयोंपर सुन्दर व्याख्या प्रस्तुत की गयी है।

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Language

Hindi

Writer

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar