Aprokshanubhuti (Hindi)

8.00

भगवान्शङ्कïराचार्यके
द्वारा प्रणीत यह छोटी-सी पुस्तिका तत्त्व ज्ञानके बहुमूल्य उपदेशोंके रूपमें
आत्मसाक्षात्कारका महामन्त्र है। सरल अनुवादके साथ उपलब्ध।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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भगवान्शङ्कïराचार्यके
द्वारा प्रणीत यह छोटी-सी पुस्तिका तत्त्व ज्ञानके बहुमूल्य उपदेशोंके रूपमें
आत्मसाक्षात्कारका महामन्त्र है। सरल अनुवादके साथ उपलब्ध।

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Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur