Vedanta Darshan

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वेदान्त-दर्शन
पुस्तकाकार—महॢष वेदव्यास प्रणीत ब्रह्मïसूत्र भारतीय दर्शनका अत्यन्त ही
महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ वेदके चरम सिद्धान्त परब्रह्मïका निदर्शन
कराता है। अत: इसे वेदान्त-दर्शन भी कहते हैं। वेदके उत्तरभाग उपासना और ज्ञान
दोनोंकी मीमांसा करनेके कारण इसका एक नाम उत्तरमीमांसा भी है। पदच्छेद और
अन्वयसहित विस्तृत हिन्दी-व्याख्या।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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वेदान्त-दर्शन
पुस्तकाकार—महॢष वेदव्यास प्रणीत ब्रह्मïसूत्र भारतीय दर्शनका अत्यन्त ही
महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ वेदके चरम सिद्धान्त परब्रह्मïका निदर्शन
कराता है। अत: इसे वेदान्त-दर्शन भी कहते हैं। वेदके उत्तरभाग उपासना और ज्ञान
दोनोंकी मीमांसा करनेके कारण इसका एक नाम उत्तरमीमांसा भी है। पदच्छेद और
अन्वयसहित विस्तृत हिन्दी-व्याख्या।

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Gita Press Gorakhpur