Sura-Vinaya-Patrika (Hindi)
₹50.00
सूर-विनय-पत्रिका
पुस्तकाकार— महाकवि श्रीसूरदासजीके द्वारा विरचित ३०९ पदोंके इस संग्रहमें
वैराग्य, संसारकी अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयोंका सुन्दर वर्णन
है। पुस्तकमें आये हुए मुख्य कथा-प्रसंग पुस्तकके अन्तमें परिशिष्टïके रूपमें
दिये गये हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Shri Soordas Ji |
Out of stock
सूर-विनय-पत्रिका
पुस्तकाकार— महाकवि श्रीसूरदासजीके द्वारा विरचित ३०९ पदोंके इस संग्रहमें
वैराग्य, संसारकी अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयोंका सुन्दर वर्णन
है। पुस्तकमें आये हुए मुख्य कथा-प्रसंग पुस्तकके अन्तमें परिशिष्टïके रूपमें
दिये गये हैं।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Shri Soordas Ji |





