Sri Radha-Madhava-Chintan (Hindi)

150.00

श्रीराधा-माधव-चिन्तन
पुस्तकाकार—नित्यलीलालीन श्रद्धेय भाईजी श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारद्वारा
प्रणीत यह अनुपम ग्रन्थ-रत्न है। इसमें श्रीराधाकृष्णका अलौकिक प्रेम ही
श्रीराधामाधव-चिन्तनके रूपमें 
प्रस्फुटित है। भक्ति और शास्त्रीय चिन्तनके अद्भुत समन्वयके साथ यह
ग्रन्थ-रत्न सात प्रकरणोंमें विभक्त है। श्रीराधा, श्रीकृष्ण, श्रीराधा-माधव,
भावराज्य-लीला-रहस्य, प्रेम-तत्त्व, गोपाङ्गïना और प्रकीर्ण—ये सातों प्रकरण
मुक्तिके सप्त सोपानके रूपमें भगवत्-तत्त्वका सरस, हृदयग्राही प्रतिपादन करते
हैं। यह ग्रन्थ साधकों, श्रद्धालुओं, व्रज-रस-रसिकोंके लिये नित्य स्वाध्याय एवं
संग्रहका विषय है।

Language

Hindi

Writer

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar

Out of stock

श्रीराधा-माधव-चिन्तन
पुस्तकाकार—नित्यलीलालीन श्रद्धेय भाईजी श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारद्वारा
प्रणीत यह अनुपम ग्रन्थ-रत्न है। इसमें श्रीराधाकृष्णका अलौकिक प्रेम ही
श्रीराधामाधव-चिन्तनके रूपमें 
प्रस्फुटित है। भक्ति और शास्त्रीय चिन्तनके अद्भुत समन्वयके साथ यह
ग्रन्थ-रत्न सात प्रकरणोंमें विभक्त है। श्रीराधा, श्रीकृष्ण, श्रीराधा-माधव,
भावराज्य-लीला-रहस्य, प्रेम-तत्त्व, गोपाङ्गïना और प्रकीर्ण—ये सातों प्रकरण
मुक्तिके सप्त सोपानके रूपमें भगवत्-तत्त्वका सरस, हृदयग्राही प्रतिपादन करते
हैं। यह ग्रन्थ साधकों, श्रद्धालुओं, व्रज-रस-रसिकोंके लिये नित्य स्वाध्याय एवं
संग्रहका विषय है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar