Sriprema-Sudhasagara (Hindi)

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श्रीप्रेम-सुधासागर ग्रन्थाकार—श्रीकृष्णलीला-रस-रसिक भक्तोंके मनको स्वस्थ वैचारिक पुष्टिहेतु गीताप्रेसद्वारा प्रकाशित तथा स्वामी अखण्डानन्द सरस्वतीद्वारा अनुवादित दशम-स्कन्धका सरस शैलीमें यह भाषानुवाद है। जगह-जगह गूढ़ भावोंके प्रकाशहेतु इसे श्रीकृष्ण-लीलाकी रसमयी विशद व्याख्यासे अलंकृत किया गया है, ताकि सामान्य जन भी श्रीकृष्णलीला-सिन्धुमें अवगाहन कर इस धरा-धामपर सुलभ अमृतका पान कर अमरत्व प्राप्त कर सकें।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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श्रीप्रेम-सुधासागर ग्रन्थाकार—श्रीकृष्णलीला-रस-रसिक भक्तोंके मनको स्वस्थ वैचारिक पुष्टिहेतु गीताप्रेसद्वारा प्रकाशित तथा स्वामी अखण्डानन्द सरस्वतीद्वारा अनुवादित दशम-स्कन्धका सरस शैलीमें यह भाषानुवाद है। जगह-जगह गूढ़ भावोंके प्रकाशहेतु इसे श्रीकृष्ण-लीलाकी रसमयी विशद व्याख्यासे अलंकृत किया गया है, ताकि सामान्य जन भी श्रीकृष्णलीला-सिन्धुमें अवगाहन कर इस धरा-धामपर सुलभ अमृतका पान कर अमरत्व प्राप्त कर सकें।

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